कौन हैं इसराइल में रहने वाले अरब मुस्लिम?
गाँव शहर की नई बातें — विशेष रिपोर्ट: इसराइल के आम चुनाव के नतीजों से पता चला है कि अरब नेतृत्व वाली पार्टियां इस बार किंगमेकर के रूप में उभर सकती हैं.
इसराइल तो यहूदियों का देश है, तो यहां मुसलमानों की इतनी बड़ी आबादी कैसे है?
मुख्य विवरण एवं घटनाक्रम
1948 में इसराइल देश बना तो इस इलाके में रहने वाले लाखों अरब लोगों ने अपना घर छोड़ दिया था.
जो यहां रह गए, उन्हें बाद में सरकार ने नागरिकता दी. और अब इन्हें अरब मुसलमान कहते हैं.
जमीनी पड़ताल व जनहित पर प्रभाव
अरब मुसलमान इसराइल का सबसे बड़ा अल्पसंख्यक समुदाय हैं. वे क़ब्ज़े वाले वेस्ट बैंक और गज़ा पट्टी में रहने वाले अरब फ़लस्तीनियों से अलग हैं.
इसराइल की कुल आबादी का क़रीब 20 प्रतिशत हिस्सा अरब मूल के लोगों का है.
क़ानूनी रूप से अरब नागरिकों को यहूदियों के समान अधिकार मिले हैं. लेकिन दोनों समुदायों के बीच धार्मिक, सांस्कृतिक और सामाजिक मतभेद भी हैं.
इसराइल की अल्पसंख्यक आबादी में क़रीब 80 प्रतिशत मुस्लिम हैं. बाकी ईसाई और ड्रूज़ समुदाय के लोग हैं.
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