मध्य प्रदेश के ‘चिता आंदोलन’ से चर्चा में आईं दिव्या अहिरवार कौन हैं?
गाँव शहर की नई बातें — विशेष रिपोर्ट: चिताओं पर लेटी महिलाएं और सूली पर लटके लोग, कुछ समय पहले मध्य प्रदेश से आई इन तस्वीरों ने पूरे देश का ध्यान खींचा था.
अब इसी आंदोलन के कुछ प्रदर्शनकारियों पर हत्या की कोशिश का आरोप लगा है. इनमें 25 साल की दिव्या अहिरवार भी शामिल हैं, जो क़रीब एक महीने से जेल में हैं.
मुख्य विवरण एवं घटनाक्रम
मध्य प्रदेश के पन्ना ज़िले की पुलिस के मुताबिक़, 28 सितंबर को प्रदर्शन के दौरान दिव्या अहिरवार और 12 अन्य लोगों ने पुलिसकर्मी भूपाल सिंह भदौरिया की गर्दन दबाई और उन्हें जान से मारने की कोशिश की.
ये सभी लोग केन-बेतवा परियोजना के बाद अब पन्ना ज़िले की मझगांव बांध परियोजना से प्रभावित परिवारों के साथ 'चिता आंदोलन' कर रहे थे.
जमीनी पड़ताल व जनहित पर प्रभाव
इस मामले में दिव्या अहिरवार और अन्य लोगों के ख़िलाफ़ बीएनएस की धारा 190, 191(2), 191(3), 109(1), 296(बी) और 351(3) के तहत मामला दर्ज किया गया है.
इनमें हत्या की कोशिश, दंगा करने और आपराधिक धमकी देने जैसे आरोप शामिल हैं. दिव्या क़रीब एक महीने से जेल में हैं.
दिव्या के अलावा इस मामले की एफ़आईआर में कुल 13 लोगों के नाम हैं. इनमें आंदोलन का नेतृत्व करने वाले अमित भटनागर, हिसाबी राजपूत और प्रभावित परिवार के सदस्य दीपक द्विवेदी भी शामिल हैं.
दिव्या की वकील अंजना कुररिया ने बीबीसी न्यूज़ हिन्दी को बताया कि ज़िला अदालत ने उनकी ज़मानत याचिका ख़ारिज कर दी है.
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