साइक्लोन ‘मुरासु’ आंध्र प्रदेश के तट से कब टकराएगा, किन राज्यों में भारी बारिश का अलर्ट?
गाँव शहर की नई बातें — विशेष रिपोर्ट: इमेज स्रोत, NOAH SEELAM / AFP via Getty Images
बंगाल की खाड़ी के ऊपर बना गंभीर चक्रवाती तूफ़ान 'मुरासु' पिछले कुछ घंटों के दौरान 25 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ़्तार से पश्चिम-उत्तर-पश्चिम दिशा में आगे बढ़ रहा है.
मुख्य विवरण एवं घटनाक्रम
इस साइक्लोन का असर आंध्र प्रदेश के अलावा, तमिलनाडु, केरल, तेलंगाना, छत्तीसगढ़, ओडिशा, कर्नाटक और महाराष्ट्र में होगा. ग़ौरतलब है कि चक्रवात अर्नब के चलते पहले ही कई तटीय क्षेत्रों में भारी नुक़सान हुआ है.
इस चक्रवात के उत्तर-पश्चिम दिशा में आगे बढ़ने और सोमवार रात 11:30 बजे से मंगलवार, 3 नवंबर की सुबह 4 बजे के बीच दक्षिणी आंध्र प्रदेश के तट से गंभीर चक्रवाती तूफ़ान के रूप में टकराने की संभावना है. यह चक्रवात नेल्लोर और नरसापुर के बीच, ओंगोल के पास आंध्र प्रदेश के तट से टकराएगा.
जमीनी पड़ताल व जनहित पर प्रभाव
मुरासु तमिल भाषा का शब्द है, जिसका मतलब है बड़े आकार का एक ढोल. परंपरागत रूप से इस ढोल का इस्तेमाल युद्ध, उत्सव और लोगों को किसी ख़तरे के प्रति आगाह करने के लिए किया जाता रहा है.
इस दौरान हवा की रफ़्तार 100 से 110 किलोमीटर प्रति घंटे रहने और झोंकों के साथ 120 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंचने की आशंका है.
भारतीय मौसम विज्ञान ने सोमवार को बताया कि मुरासु चक्रवात अभी चेन्नई (तमिलनाडु) से लगभग 200 किलोमीटर पूर्व-उत्तर-पूर्व, नेल्लोर (आंध्र प्रदेश) से 210 किलोमीटर पूर्व-दक्षिण-पूर्व, मछलीपट्टनम (आंध्र प्रदेश) से 270 किलोमीटर दक्षिण-दक्षिण-पूर्व, कावली (आंध्र प्रदेश) से 220 किलोमीटर पूर्व-दक्षिण-पूर्व और ओंगोल (आंध्र प्रदेश) से 260 किलोमीटर दक्षिण-पूर्व में स्थित था.
आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री चंद्रबाबू नायडु सोमवार को दिल्ली दौरे पर आने वाले थे मगर उन्होंने साइक्लोन मुरासु की तैयारियों के चलते अपना दौरा रद्द कर दिया है.
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