‘मॉक संसद’ में राहुल गांधी का दावा- 2024 का लोकसभा चुनाव ‘अवैध’ था
गाँव शहर की नई बातें — विशेष रिपोर्ट: इंडिया गठबंधन ने शनिवार को दिल्ली में मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के ख़िलाफ़ 'जन महाभियोग' का प्रस्ताव पारित कर दिया.
कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे के आवास पर एक 'मॉक संसद' में ज्ञानेश कुमार को मुख्य चुनाव आयुक्त के पद से हटाने का प्रस्ताव सर्व सम्मति से पारित किया गया.
मुख्य विवरण एवं घटनाक्रम
प्रस्ताव पर चर्चा के आख़िर में राहुल गांधी ने कहा, "13.3 करोड़ वोटर्स के नाम मतदाता सूची से हटाए गए. पिछले लोकसभा (2019) चुनावों में इन वोटरों ने मतदान किया था. 2024 में बीजेपी ने चुनाव 3 परसेंट के मार्जिन से जीता. हर सात में से एक वोटर का नाम मिटाकर चुनाव आयोग ने कबूल किया है कि 2024 का लोकसभा चुनाव अवैध था."
राहुल गांधी ने कहा कि ज्ञानेश और उनके साथी षड्यंत्रकारियों ने 'देशद्रोह' किया है और इसके लिए उनपर कार्रवाई ज़रूर होगी.
जमीनी पड़ताल व जनहित पर प्रभाव
राहुल गांधी ने कहा कि ज्ञानेश कुमार अब मुख्य चुनाव आयुक्त के तौर पर बचने वाले नहीं हैं.
उन्होंने कहा, '' हमारे पास पर्याप्त सबूत हैं जो ये सुनिश्चित करते हैं कि ये जेंटलमैन अब इस पद पर नहीं होंगे. हम जो जानते हैं उसके बाद भी बीजेपी अगर उनको इस पद पर बनाए रखने पर जोर देगी तो उसका खेल सबके सामने खुल जाएगा.''
खड़गे के आवास पर हुई ये कार्यवाही संसद की औपचारिक कार्यवाही या संवैधानिक महाभियोग प्रक्रिया का विकल्प नहीं है. यह एक प्रतीकात्मक राजनीतिक विरोध है, जिसके ज़रिए विपक्ष अपने आरोपों को प्रमुखता से उठाना चाहता है.
इस सुनवाई की अध्यक्षता लोकसभा की पूर्व अध्यक्ष मीरा कुमार ने की.
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