1977 में रिलायंस ने कैसे बदली थी भारतीय शेयर बाज़ार की तस्वीर?
गाँव शहर की नई बातें — विशेष रिपोर्ट: रिलायंस समूह की दूरसंचार कंपनी 'जियो प्लेटफ़ॉर्म्स' का मेगा आईपीओ इन दिनों देश और विदेश में ख़ूब सुर्ख़ियाँ बटोर रहा है.
कंपनी ने 30,213 करोड़ रुपये का आईपीओ जारी किया है.
मुख्य विवरण एवं घटनाक्रम
न्यूज़ एजेंसी पीटीआई की रिपोर्ट के अनुसार, जियो प्लेटफ़ॉर्म्स का मेगा आईपीओ दुनिया का पहला ऐसा आईपीओ है, जिसे एक करोड़ से अधिक आवेदन मिले हैं.
रिलायंस जियो के आईपीओ को लेकर हो रही इतनी चर्चा के बीच यह जानना दिलचस्प होगा कि 49 साल पहले, जब रिलायंस समूह ने अपना पहला आईपीओ लॉन्च किया था, तब माहौल कैसा था और निवेशकों ने इससे कितना मुनाफ़ा कमाया था.
जमीनी पड़ताल व जनहित पर प्रभाव
उद्योगपति धीरूभाई अंबानी ने रिलायंस समूह की स्थापना की थी. समूह का पहला आईपीओ 1977 में आया था और उस समय कंपनी का नाम 'रिलायंस टेक्सटाइल इंडस्ट्रीज़' था.
रिकॉर्ड बताते हैं कि 15 से 17 नवंबर 1977 के बीच कंपनी ने आईपीओ के ज़रिए 2.80 करोड़ रुपये जुटाए और 23 जनवरी 1978 को रिलायंस टेक्सटाइल के शेयर बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज (बीएसई) और अहमदाबाद स्टॉक एक्सचेंज में सूचीबद्ध हुए.
'फ़ॉर्च्यून इंडिया' पत्रिका की हालिया रिपोर्ट के अनुसार, रिलायंस टेक्सटाइल्स इंडस्ट्रीज़ ने 10 रुपये प्रति शेयर के भाव पर 28.2 लाख शेयर जारी किए थे. इसके लिए 7.19 गुना आवेदन मिले थे.
इससे कंपनी को लगभग 58 हज़ार शेयरधारक मिले. कारोबार के पहले दिन शेयर 17 से 18 रुपये प्रति शेयर के भाव पर बिके. इसका मतलब है कि निवेशकों को लिस्टिंग के दिन ही 70 से 80 प्रतिशत का मुनाफ़ा हुआ.
अभी तक कोई टिप्पणी नहीं है
इस खबर पर सबसे पहले अपनी राय साझा करें और चर्चा शुरू करें!