खड़गे के बयान पर विवाद: नेता विवादित बयान क्यों देते हैं, क्या उन्हें क़ानून का डर नहीं?
गाँव शहर की नई बातें — विशेष रिपोर्ट: इमेज स्रोत, Santosh Kumar/Hindustan Times via Getty Images
रविवार 25 अक्तूबर को पटना में एक राजनीतिक कार्यक्रम चल रहा था. कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे पार्टी कार्यकर्ताओं को संबोधित कर रहे थे. तभी भीड़ में से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को लेकर एक टिप्पणी सुनाई दी कि 'मोदी नहीं जाएगा'.
मुख्य विवरण एवं घटनाक्रम
इसके जवाब में खड़गे ने कहा, "मोदी का बाप भी जाएगा."
25 अक्तूबर 2026 को समाचार एजेंसी एएनआई ने इस बयान का वीडियो अपने सोशल मीडिया अकाउंट पर साझा किया.
जमीनी पड़ताल व जनहित पर प्रभाव
गृह मंत्री अमित शाह ने इस बयान पर सख्त एतराज़ जताते हुए एक्स पर लिखा, "कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने आज पटना में मोदी जी के पिताजी के बारे में अभद्र टिप्पणी कर सारी मर्यादाएं तार-तार कर दी हैं."
बीजेपी नेताओं ने इसे प्रधानमंत्री मोदी के दिवंगत पिता का अपमान बताया और खड़गे से माफी की मांग की. इसके बाद सोशल मीडिया पर अलग-अलग पार्टियों के नेताओं के पुराने क्लिप और पोस्ट वायरल होने लगे, जिसमें उन्होंने विरोधियों के निजी जीवन पर विवादित बयान दिए थे.
इससे पहले भी नेता एक-दूसरे के निजी जीवन और परिवार को लेकर टिप्पणी करते रहे हैं. ऐसे में सवाल उठता है कि इस तरह के बयान दिए ही क्यों जाते हैं?
क्या ऐसे बयान नेताओं को राजनीतिक फ़ायदा पहुंचाते हैं और क्या उन्हें क़ानून का डर नहीं होता?
अभी तक कोई टिप्पणी नहीं है
इस खबर पर सबसे पहले अपनी राय साझा करें और चर्चा शुरू करें!