समंदर से भटकी ये शार्क नहर में अटकी, लाखों लोग हुए दीवाने, लेकिन अब कहां गई?
गाँव शहर की नई बातें — विशेष रिपोर्ट: जैसे ही दक्षिण कोरिया के दक्षिण-पूर्वी छोर पर बसे तटीय शहर और व्यस्त शिपिंग हब बुसान की एक नहर में बड़ी शार्क देखी गई, उसे बचाने के लिए समुद्री जीवविज्ञानी किम ह्यून-वू को बुलाया गया.
उन्हें सितंबर के बीच में यह फ़ोन आया था. उस समय वह एक कारोबारी दौरे से घर लौट रहे थे. वह मछली पकड़ने वाली नौकाओं की मदद के लिए मैकेरल मछलियों के झुंडों का पता लगा रहे थे. वह देश के प्रमुख शार्क विशेषज्ञों में से एक हैं. लेकिन उन्होंने कभी नहीं सोचा था कि कोस्टगार्ड उन्हें किसी शार्क को बचाने के लिए बुलाएगा.
मुख्य विवरण एवं घटनाक्रम
दक्षिण कोरिया में शार्क कोई अनजानी चीज़ नहीं हैं. लेकिन दुनिया के सातवें सबसे व्यस्त बंदरगाह के ठीक पास एक उथली, कंक्रीट की नहर में इतनी बड़ी शार्क पहले कभी नहीं मिली थी.
इसके बाद उसे देखने के लिए समुद्र किनारे लोगों की भीड़ जुटने लगी थी. इसलिए नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ़ फ़िशरीज़ साइंस की किम की टीम को तेज़ी से काम करना पड़ा.
जमीनी पड़ताल व जनहित पर प्रभाव
सबसे पहला काम यह पता लगाना था कि शार्क किस प्रजाति की है.
कुछ शार्क दूसरी शार्कों के मुक़ाबले ज़्यादा ख़तरनाक होती हैं. 1975 की मशहूर फ़िल्म 'जॉज़' में दिखाई गई ग्रेट व्हाइट शार्क इंसानों पर हमला करने और उन्हें मारने के लिए जानी जाती है.
बुसान में मिली शार्क मादा डस्की शार्क थी. इस प्रजाति की शार्क ने इंसानों पर अब तक सिर्फ़ दो जानलेवा हमले किए हैं. फिर भी किम को डर था कि भीड़ में से कोई नहर में कूद सकता है या गिर सकता है.
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