बेगम अख़्तर के निधन से पहले उनके आख़िरी कार्यक्रम में क्या हुआ था?
गाँव शहर की नई बातें — विशेष रिपोर्ट: "ग़ज़ल साम्राज्ञी पद्मश्री बेगम अख़्तर का कार्यक्रम, नई ग़ज़लों की महफ़िल, शनिवार रात 9.30 बजे, सेठ मंगलदास टाउन हॉल में. टिकट दरें- 4, 6, 8 और 10 रुपये."
26 अक्तूबर 1974 को अहमदाबाद के टाउन हॉल में आयोजित बेगम अख़्तर के अंतिम कार्यक्रम के लिए ऐसी विज्ञप्तियाँ अहमदाबाद के गुजराती सहित अन्य भाषाओं के अख़बारों में प्रकाशित हुई थीं.
मुख्य विवरण एवं घटनाक्रम
अहमदाबाद के बाद उनके कार्यक्रम गुजरात में 29 और 30 अक्तूबर 1974 को क्रमशः वडोदरा और सूरत में होने थे, लेकिन वे कभी नहीं हो सके.
अहमदाबाद का यह कार्यक्रम उनके जीवन का अंतिम सार्वजनिक कार्यक्रम बन गया.
जमीनी पड़ताल व जनहित पर प्रभाव
आज भी अहमदाबाद का टाउन हॉल उस याद को संजोए खड़ा है, मानो किसी पुराने बरगद या पीपल के पेड़ से जुड़ी स्मृतियाँ हों.
जिनको शब्दों में बयां कर पाना मुश्किल होता है, दर्द के उस अहसास को बेगम ने संगीत में रौशन किया, और ऐसा मुकम्मल किया कि आज भी बेगम अख़्तर का कोई विकल्प नही है.
आश्रम रोड स्थित टाउन हॉल साबरमती नदी के किनारे है. इसी स्थान के सामने से 1930 में महात्मा गांधी की दांडी यात्रा निकली थी.
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