अमेरिका मिडटर्म इलेक्शन: मिशिगन के डेमोक्रेटिक प्रत्याशी अब्दुल अल-सैयद इस क़दर चर्चा में क्यों हैं?
गाँव शहर की नई बातें — विशेष रिपोर्ट: समरा लुक़मान पूरी ज़िंदगी डेमोक्रेटिक पार्टी की समर्थक रही हैं. लेकिन 2024 के राष्ट्रपति चुनाव में उन्होंने गर्व से डोनाल्ड ट्रंप को दोबारा राष्ट्रपति बनाने के लिए वोट दिया.
तब उनके फ़ैसले के पीछे केवल एक मुद्दा था और अगले हफ़्ते होने वाले मिडटर्म इलेक्शन में भी उनका वोट उसी मुद्दे पर तय होगा.
मुख्य विवरण एवं घटनाक्रम
यमनी मूल की अमेरिकी नागरिक लुक़मान ने बीबीसी न्यूज़ वर्ल्ड सर्विस के 'द ग्लोबल स्टोरी' कार्यक्रम से कहा, "मेरे लिए सब कुछ ग़ज़ा का मुद्दा है."
वह कहती हैं, "अगर ग़ज़ा, इसराइल और फ़लस्तीन को लेकर आपका रुख़ सही नहीं है, तो हमें सत्ता में आपकी ज़रूरत नहीं है और न ही हम आपको वोट देंगे. इससे कोई फ़र्क़ नहीं पड़ता कि आप किस पार्टी से हैं."
जमीनी पड़ताल व जनहित पर प्रभाव
अमेरिका की ओर से इसराइल को दिए जा रहे समर्थन से नाराज़ लुक़मान जैसे कई मतदाताओं ने 2024 में रिपब्लिकन पार्टी को मिशिगन जैसे अहम राज्य में जीत दिलाने में मदद की. इससे पहले ये मतदाता आम तौर पर डेमोक्रेटिक पार्टी को वोट देते रहे थे.
अब नवंबर में होने वाले चुनाव की सबसे कड़ी टक्करों में से एक में इस मुद्दे के दोनों तरफ़ खड़े मतदाताओं की चिंताएं उनके वोट का फ़ैसला कर रही हैं.
मिशिगन में सीनेट की ख़ाली सीट के लिए बेहद कड़ा मुक़ाबला चल रहा है. यह चुनाव तय करने में अहम भूमिका निभाएगा कि ट्रंप के बाक़ी कार्यकाल में अमेरिकी संसद यानी कांग्रेस पर किस पार्टी का नियंत्रण रहेगा.
डेमोक्रेटिक पार्टी को यह सीट अपने पास रखनी है, जबकि रिपब्लिकन पार्टी इसे जीतना चाहती है. लेकिन मतदान का दिन नज़दीक आने तक किसी भी उम्मीदवार की जीत तय नहीं दिख रही है.
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