इसराइल चुनाव: किसी गठबंधन को बहुमत नहीं, अरब पार्टियां निर्णायक भूमिका में
गाँव शहर की नई बातें — विशेष रिपोर्ट: इसराइल में हुए आम चुनावों के अंतिम नतीजों से साफ हो गया कि न तो बिन्यामिन नेतन्याहू के गठबंधन को और न ही यहूदी विपक्ष को संसद में बहुमत मिला है.
दो अरब पार्टियों के गठबंधनों, द जॉइंट लिस्ट और राम ने उम्मीदों के उलट प्रदर्शन करते हुए 120 सीटों वाली इसराइली संसद में रिकॉर्ड 19 सीटें जीतीं.
मुख्य विवरण एवं घटनाक्रम
इससे ये दोनों अरब गठबंधन सरकार के गठन में अहम भूमिका निभाने की स्थिति में आ गए हैं.
नेतन्याहू के गठबंधन को 53 सीटें मिलीं हैं, जबकि उनके प्रतिद्वंद्वी गादी आइज़नकोट के गठबंधन को 48 सीटें मिलीं हैं.
जमीनी पड़ताल व जनहित पर प्रभाव
अब इसराइल के राष्ट्रपति हर्ज़ोग सभी राजनीतिक दलों के साथ बातचीत करेंगे और उसके बाद ही वो किसी नेता को सरकार बनाने के लिए आमंत्रित करेंगे. इस प्रक्रिया में कई हफ़्ते लग सकते हैं.
अगर वे असफल होते हैं, तो दोबारा चुनाव करवाने पड़ेंगे.
यरुशलम स्थित अपने आवास पर हुई एक बैठक के दौरान हर्ज़ोग ने मंगलवार को हुए चुनाव में 77.7% वोटिंग की सराहना की, जो दो दशकों से अधिक समय में देश का सबसे अधिक मतदान प्रतिशत था.
उन्होंने कहा, "यह इसराइली समाज के लिए गर्व की बात है, और यह देखना उल्लेखनीय था कि इसराइल में लोकतंत्र की इच्छा कितनी गहरी है."
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