कूनो में चीते को किसने मारी गोली? शरीर से मिले 5 छर्रे, जांच के लिए केंद्र ने भेजी टीम
गाँव शहर की नई बातें — विशेष रिपोर्ट: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की महत्वाकांक्षी चीता पुनर्वास परियोजना के तहत भारत लाए गए चीतों में से एक 19 महीने के चीते की गोली के छर्रे लगने से मौत हो गई.
मध्य प्रदेश के कूनो नेशनल पार्क की मादा चीता निर्वा के 19 महीने के नर शावक केएनजी22 के शरीर से ऑपरेशन के दौरान गोली के पांच छर्रे निकाले गए.
मुख्य विवरण एवं घटनाक्रम
इस घटना के बाद केंद्र सरकार ने मामले की जांच के लिए उच्चस्तरीय टीम भेजी है.
पीआईबी के मुताबिक, इस टीम में राष्ट्रीय बाघ संरक्षण प्राधिकरण (एनटीसीए) के वन महानिरीक्षक, वन्यजीव अपराध नियंत्रण ब्यूरो के अतिरिक्त निदेशक और ब्यूरो के क्षेत्रीय उपनिदेशक शामिल हैं.
जमीनी पड़ताल व जनहित पर प्रभाव
मध्य प्रदेश सरकार ने भी वन और पुलिस अधिकारियों की विशेष जांच टीम गठित की है.
यह घटना ऐसे समय हुई है जब भारत में चीतों को फिर से बसाने की परियोजना के तहत उनकी संख्या बढ़ाने के साथ उनके संरक्षण और निगरानी पर साल 2022 से पहल शुरू की गई.
मध्य प्रदेश के प्रधान मुख्य वन संरक्षक (वन्यजीव) और मुख्य वन्यजीव वार्डन डॉ. समीता राजौरा ने बीबीसी से कहा, "केएनजी22 को 25 अक्टूबर को श्योपुर टेरिटोरियल फॉरेस्ट डिवीजन के कंपार्टमेंट नंबर 748 के इलाके में घायल हालत में पाया गया था. हमने पूरी कोशिश की उसे बचाने की."
राजौरा के मुताबिक़, "शुरुआती एक्स-रे में चीते के शरीर के अलग-अलग हिस्सों में कई फ़ॉरेन ऑब्जेक्ट्स दिखाई दिए थे. इसके बाद उसका इलाज शुरू किया गया. विशेषज्ञों से सलाह के बाद घायल चीते को जबलपुर स्थित नानाजी देशमुख पशु चिकित्सा विज्ञान विश्वविद्यालय के पशु शल्य चिकित्सा और रेडियोलॉजी विभाग में भेजा गया. वहां चीते के शरीर से पांच फायरआर्म पैलेट यानी बंदूक के छर्रे निकाले गए".
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