यूपी में एसआईआर की जिन गड़बड़ियों को लेकर चुनाव आयोग है निशाने पर
गाँव शहर की नई बातें — विशेष रिपोर्ट: उत्तर प्रदेश में वोटर लिस्ट को लेकर उठ रहे सवालों के बीच प्रदेश का पीलीभीत सदर विधानसभा क्षेत्र चर्चा में है.
यहाँ एक ही एपिक (ईपीआईसी) नंबर या आम भाषा में कहें तो वोटर आईडी नंबर पर अलग-अलग व्यक्तियों का विवरण दिखाई देने की शिकायत सामने आई है.
मुख्य विवरण एवं घटनाक्रम
मामले की जांच में उत्तर प्रदेश के मुख्य निर्वाचन अधिकारी के कार्यालय ने भी मतदाता सूची में अनियमितताएं मिलने की बात कही है और संबंधित अधिकारियों के ख़िलाफ़ कार्रवाई के निर्देश दिए हैं.
दरअसल, 21 अक्तूबर को लखनऊ स्थित कांग्रेस दफ़्तर में पार्टी की नवनिर्वाचित प्रदेश अध्यक्ष आराधना मिश्रा, यूपी चुनाव प्रभारी राजेंद्र गौतम और राष्ट्रीय प्रवक्ता सुप्रिया श्रीनेत समेत अन्य नेताओं ने प्रेस कॉन्फ्रेंस की.
जमीनी पड़ताल व जनहित पर प्रभाव
इसमें कांग्रेस नेताओं ने पीलीभीत सदर विधानसभा क्षेत्र की मतदाता सूची में बड़े पैमाने पर गड़बड़ियों के आरोप लगाए.
पार्टी का दावा था कि प्रदेश में एसआईआर की प्रक्रिया पूरी होने और 10 अप्रैल को अंतिम मतदाता सूची जारी होने के बाद, जुलाई से सितंबर 2026 के बीच 13,150 मतदाताओं के नाम बदल दिए गए.
जबकि उनके एपिक नंबर और मतदाता सूची के क्रमांक (सीरियल) वही रहे, जो ड्राफ़्ट सूची में थे.
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