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मणिपुरः ’10 दिनों में 14 लोगों की हत्या’, अचानक क्यों बढ़ी इतनी हिंसा?

मणिपुरः ’10 दिनों में 14 लोगों की हत्या’, अचानक क्यों बढ़ी इतनी हिंसा?

गाँव शहर की नई बातें — विशेष रिपोर्ट: मणिपुर के इंफाल ईस्ट ज़िले में स्थित उयुम्पोक गाँव में 32 साल के क्षेत्रिमयुम सुशील के घर पर मातम छाया हुआ है.

19 अक्तूबर को इंफाल घाटी में चरमपंथियों के एक कथित हमले में जिन तीन मैतेई लोगों की मौत हो गई थी, उनमें सुशील एक थे.

मुख्य विवरण एवं घटनाक्रम

सुशील पर यह हमला उस वक़्त हुआ, जब वह गाँव के कुछ लोगों के साथ पास के जंगल में लकड़ियाँ लाने गए थे.

इस घटना के बाद पूर्व मुख्यमंत्री ओकरम इबोबी सिंह समेत कई लोग सुशील के घर संवेदना व्यक्त करने पहुँच रहे हैं. बाहर से आने वाले लोगों को देखते ही सुशील के बुज़ुर्ग पिता फूट-फूट कर रोने लगते है.

जमीनी पड़ताल व जनहित पर प्रभाव

आँखों में आँसू लिए सुशील के पिता के देबेन कहते है, "उन हत्यारों ने मेरे घर का सहारा छीन लिया. मेरा बेटा जंगल में लकड़ियाँ लाने ही तो गया था. लेकिन वो घर नहीं लौटा. उसकी चार साल की बेटी अक्सर पूछती है कि पिता कहाँ हैं, मैं बच्ची को क्या जवाब दूँ?"

अपनी सुरक्षा को लेकर चिंतित के देबेन ने कहा," पहाड़ी इलाक़ों की तलहटी में रहने वाले लोगों के लिए आजीविका कमाने का एकमात्र ज़रिया लकड़ी इकट्ठा करना और धान के खेतों में काम करना है. अगर उस दौरान कोई गोली मार देगा तो लोग घरों से बाहर ही नहीं निकल पाएँगे. सबके मन में डर बैठ गया है, ऐसे हालात में हम जीवित कैसे रहेंगे?"

मणिपुर के पहाड़ी इलाक़ों में चल रही हिंसा अचानक और तेज़ हो गई है. इस महीने अर्थात 9 अक्तूबर से महज 10 दिनों के भीतर कम से कम 14 लोगों की हत्या कर दी गई.

बीते 9 और 10 अक्तूबर के दरमियान कामजोंग, कांगपोकपी और उखरुल ज़िले में 12 घंटे की हिंसा में 9 लोगों की जान गई थी. इन हमलों में कुकी और नगा लोग मारे गए थे.

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सत्यापित एवं प्रामाणिक समाचार रिपोर्ट (Fact-Checked & Verified)यह समाचार गाँव शहर की नई बातें संपादकीय डेस्क द्वारा अधिकृत आधिकारिक अभिलेखों, तथ्यों एवं प्रत्यक्ष स्रोतों की पूर्ण पुष्टि एवं समीक्षा उपरांत जनहित में प्रकाशित किया गया है। हमारी टीम निष्पक्ष और तथ्यपरक पत्रकारिता के लिए पूर्णतः प्रतिबद्ध है।

Accredited news correspondent and investigative contributor at गाँव शहर की नई बातें (Gaun Shahar Ki Nayi Batein).

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