गुजरात के इस गांव में कैसे रहते हैं लोग जहां रोज़ घूमते हैं शेर?
गाँव शहर की नई बातें — विशेष रिपोर्ट: (इस ख़बर का कुछ ब्योरा आपको विचलित कर सकता है)
गुरुवार, 22 अक्तूबर की सुबह गिर सोमनाथ ज़िले के कोडीनार तालुका के वलादर गांव में गोबरभाई गोहिल के घर के बाहर एक मरा हुआ बछड़ा पड़ा था.
मुख्य विवरण एवं घटनाक्रम
उसकी गर्दन पर गहरे घाव थे और वहां जमा हुआ ख़ून साफ़ दिखाई दे रहा था.
क्या हुआ था, यह बताते हुए गोबरभाई की पत्नी लाखुबेन की आवाज़ में डर साफ़ महसूस हो रहा था.
जमीनी पड़ताल व जनहित पर प्रभाव
वह कहती हैं, "मैं यहां बर्तन धो रही थी, तभी मुझे आवाज़ सुनाई दी. मैंने दरवाज़ा खोला और बाहर निकली."
"मैंने देखा कि एक शेरनी ने बछड़े को पकड़ रखा था. मैंने 'हुड़… हुड़…' करके आवाज़ लगाई तो शेरनी बछड़े को छोड़कर चली गई."
लाखुबेन कहती हैं, "मुझे थोड़ा डर लगा. शेरनी ने महेशभाई को नोचकर मार डाला और खा लिया था. शेर रोज़ गांव में आते हैं. फिर ऐसी घटना हो जाए तो डर लगेगा ही न!"
पेशे से किसान गोबरभाई बताते हैं कि 21 अक्तूबर की रात क़रीब 11 बजे एक शेरनी अपने दो बच्चों के साथ उनके घर के पास आ गई थी.
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