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‘तुम सिफ़ारिश के कारण टीम में हो’…जब 21 साल के इंज़माम को ‘सीनियर’ ने दी गालियां

‘तुम सिफ़ारिश के कारण टीम में हो’…जब 21 साल के इंज़माम को ‘सीनियर’ ने दी गालियां

गाँव शहर की नई बातें — विशेष रिपोर्ट: ज़रा सोचिए, 21 साल के एक युवा क्रिकेटर पर उस समय क्या बीती होगी, जब उसी की टीम का एक सीनियर खिलाड़ी उसे गालियां देने लगे और कहे कि तुम सिफ़ारिश के कारण टीम में आए हो.

फिर इसके कुछ ही दिनों बाद वही युवा क्रिकेटर शानदार बल्लेबाज़ी करके अपनी टीम को वर्ल्ड कप के फ़ाइनल में पहुंचा दे. यह कहानी किसी और की नहीं, बल्कि इंज़माम-उल-हक़ की है और यह सब 1992 के वर्ल्ड कप के दौरान हुआ था.

मुख्य विवरण एवं घटनाक्रम

वही वर्ल्ड कप जिसे पाकिस्तान ने इमरान ख़ान की कप्तानी में जीता था. इंज़माम-उल-हक़ ने न्यूज़ीलैंड के ख़िलाफ़ सेमीफ़ाइनल में 60 और फ़ाइनल में 42 रनों की अहम पारियां खेली थीं.

अपनी इन पारियों से उन्होंने इमरान ख़ान की उस बात को सही साबित कर दिखाया था कि इंज़माम-उल-हक़ उस दौर के सबसे अच्छे युवा बल्लेबाज़ हैं. लेकिन फिर ऐसा क्या हुआ था कि पाकिस्तान की टीम के एक सीनियर क्रिकेटर ने इंज़माम पर सिफ़ारिश के कारण टीम में आने का आरोप लगाया और उन्हें गालियां तक दीं?

जमीनी पड़ताल व जनहित पर प्रभाव

जब इंज़माम-उल-हक़ ने मुझे दिए एक इंटरव्यू में यह बात बताई थी, तो मैं भी सोच में पड़ गया था. मुझे यक़ीन नहीं हो रहा था कि ऐसा भी हो सकता है.

इंज़माम ने बताया था, "वर्ल्ड कप में पाकिस्तान की टीम न्यूज़ीलैंड के ख़िलाफ़ अपना आख़िरी ग्रुप मैच जीत चुकी थी. मैं उस मैच में केवल पांच रन बना सका था."

"हम सभी खिलाड़ी अच्छे मूड में शॉवर रूम में नहा रहे थे. इसी दौरान एक सीनियर क्रिकेटर अचानक मेरे पास आए और मुझे गालियां देने लगे. मैं उनका नाम लेना ठीक नहीं समझता. उन्होंने मुझसे कहा कि तुम सिफ़ारिश के कारण टीम में आए हो. यह बात मेरे लिए इतनी तकलीफ़देह थी कि मैं जितनी देर शॉवर के नीचे खड़ा रहा, लगातार रोता रहा."

इंज़माम कहते हैं, "मैं सोच रहा था कि आख़िर मैं सिफ़ारिश के कारण टीम में कैसे आ गया?"

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सत्यापित एवं प्रामाणिक समाचार रिपोर्ट (Fact-Checked & Verified)यह समाचार गाँव शहर की नई बातें संपादकीय डेस्क द्वारा अधिकृत आधिकारिक अभिलेखों, तथ्यों एवं प्रत्यक्ष स्रोतों की पूर्ण पुष्टि एवं समीक्षा उपरांत जनहित में प्रकाशित किया गया है। हमारी टीम निष्पक्ष और तथ्यपरक पत्रकारिता के लिए पूर्णतः प्रतिबद्ध है।

Accredited news correspondent and investigative contributor at गाँव शहर की नई बातें (Gaun Shahar Ki Nayi Batein).

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