साइक्लोन “अर्नब” की वजह से आंध्र प्रदेश में स्कूल-कॉलेज बंद, और कहां-कहां असर?
गाँव शहर की नई बातें — विशेष रिपोर्ट: विशाखापत्तनम के साइक्लोन वॉर्निंग सेंटर ने बताया है कि बंगाल की खाड़ी में बना गंभीर दबाव का क्षेत्र तूफ़ान में बदल गया है.
साइक्लोन वॉर्निंग सेंटर के निदेशक पीएलएन मूर्ति ने बीबीसी से कहा कि 'अर्नब' तूफ़ान पिछले छह घंटों में 15 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ़्तार से आगे बढ़ा है.
मुख्य विवरण एवं घटनाक्रम
मौसम विभाग के अधिकारियों ने बताया कि तूफ़ान अभी विशाखापट्टनम से 650, काकीनाडा से 730, मछलीपट्टनम से 830 और बापटला से 910 किलोमीटर दूर है.
'अर्नब' के बुधवार (28 अक्तूबर) को तट से टकराने की आशंका के मद्देनज़र ओडिशा और आंध्र प्रदेश में एहतियाती कदम उठाए गए हैं. दोनों राज्यों में स्कूल बंद कर दिए गए हैं, समुद्र में मछली पकड़ने पर रोक लगा दी गई है और राहत एवं बचाव दलों को तैयार रखा गया है.
जमीनी पड़ताल व जनहित पर प्रभाव
फिलहाल चक्रवात बंगाल की खाड़ी के पूर्व-मध्य हिस्से में विशाखापत्तनम से लगभग 610 किलोमीटर दूर स्थित है. यह पश्चिम-उत्तर-पश्चिम दिशा में आगे बढ़ रहा है.
अनुमान है कि यह बहुत गंभीर चक्रवाती तूफ़ान में बदल सकता है. इसके 28 अक्तूबर की सुबह तक बापटला और विशाखापत्तनम के बीच आंध्र प्रदेश और यानम के तट से टकराने की आशंका है. इस दौरान हवा की रफ़्तार 115 से 125 किलोमीटर प्रति घंटे तक रह सकती है.
लोगों को क्या सावधानियां बरतनी चाहिए, इन मुद्दों पर विशाखापट्टनम तूफ़ान चेतावनी केंद्र और आंध्र यूनिवर्सिटी के मौसम विभाग से 'बीबीसी तेलुगू' ने बात की.
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