बिन्यामिन नेतन्याहू के सातवीं बार इसराइल का प्रधानमंत्री बनने में ये हैं चुनौतियां
गाँव शहर की नई बातें — विशेष रिपोर्ट: इसराइल में 27 अक्तूबर को संसदीय चुनाव होने वाले हैं. देश में सबसे लंबे समय तक प्रधानमंत्री रहे बिन्यामिन नेतन्याहू की नज़र अब सातवें कार्यकाल पर है.
77 साल के नेतन्याहू दशकों से ख़ुद को इसराइल के 'मिस्टर सिक्योरिटी' के रूप में पेश करते रहे हैं. लेकिन इस बार वह एक ऐसे समय में दोबारा प्रधानमंत्री बनने की कोशिश कर रहे हैं, जब बहुत से इसराइली सात अक्तूबर 2023 के हमास के नेतृत्व वाले हमलों को देश के इतिहास की सबसे बड़ी सुरक्षा विफलता मानते हैं.
मुख्य विवरण एवं घटनाक्रम
इन हमलों के बाद नेतन्याहू ने हमास के साथ-साथ उसके सहयोगियों हिज़्बुल्लाह और ईरान के ख़िलाफ़ युद्ध पर ध्यान लगाया है. इस बीच वह भ्रष्टाचार के आरोपों में चल रहे एक आपराधिक मुक़दमे का भी सामना कर रहे हैं. नेतन्याहू इन आरोपों से इनकार करते हैं.
चुनावी सर्वे बताते हैं कि नेतन्याहू के दक्षिणपंथी गठबंधन और उन्हें सत्ता से हटाने के लिए साथ आए विपक्षी दलों के गठबंधन के बीच मुक़ाबला क़रीबी हो सकता है. विपक्षी गठबंधन में पूर्व प्रधानमंत्री नफ़्ताली बेनेट और सेना के पूर्व प्रमुख गादी आइज़नकोट भी शामिल हैं.
जमीनी पड़ताल व जनहित पर प्रभाव
इमेज स्रोत, Menahem KAHANA / AFP) (Photo by MENAHEM KAHANA/AFP via Getty Images
कई विवादों और राजनीतिक संकटों ने सत्ता पर नेतन्याहू की पकड़ को चुनौती दी है. इसके बावजूद उन्होंने एक ऐसे नेता की पहचान बनाई है, जो हर राजनीतिक संकट से बचकर निकल जाता है.
नवंबर 2022 में नेतन्याहू छठी बार प्रधानमंत्री चुने गए थे. वह इसराइल के इतिहास की सबसे दक्षिणपंथी गठबंधन सरकार का नेतृत्व कर रहे हैं.
इससे पहले वह लगातार 12 साल तक प्रधानमंत्री रहने के बाद कुछ समय के लिए विपक्ष में चले गए थे.
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