कश्मीर में बच्चे को सीने से बांधकर हाफ़ मैराथन दौड़ीं कुलसुम, बताई ये वजह
गाँव शहर की नई बातें — विशेष रिपोर्ट: जम्मू-कश्मीर के श्रीनगर में अपने बच्चे को शरीर से बांधकर जब एक महिला ने हाफ़ मैराथन में दौड़ना शुरू किया, तो कई लोगों की नज़रें उन पर टिक गईं.
मैराथन में दौड़ने की उनकी तस्वीरें और वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हैं. लेकिन 34 साल की कुलसुम बानो ने यह फ़ैसला किन परिस्थितियों में किया, वह कहानी मज़बूत इरादे और हौसले की है.
मुख्य विवरण एवं घटनाक्रम
वह कहती हैं कि ऐसा करने के पीछे उनका एक मक़सद भी था और शायद इस दौड़ के साथ उन्होंने उसे पूरा भी किया.
25 अक्तूबर को श्रीनगर में आयोजित इस मैराथन में दो इवेंट हुए. फुल मैराथन यानी 42.195 किलोमीटर और हाफ़ मैराथन यानी 21 किलोमीटर.
जमीनी पड़ताल व जनहित पर प्रभाव
इनमें 2,000 से ज़्यादा लोगों ने हिस्सा लिया. श्रीनगर के पोलो ग्राउंड से मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने हरी झंडी दिखाकर एथलीटों को रवाना किया.
श्रीनगर में किराये के अपार्टमेंट में रहने वाली कुलसुम बानो के मैराथन में इस तरह दौड़ने पर लोगों की मिली-जुली प्रतिक्रियाएं हैं. कुलसुम का ताल्लुक गुजरात के सूरत ज़िले से है. साल 2012 में उनकी शादी बांदीपोरा ज़िले के गुरेज़ के रहने वाले इम्तियाज़ लोन से हुई थी.
सीआरपीएफ़ में काम करने वाले लोन इस वक़्त अरुणाचल प्रदेश में तैनात हैं. कुलसुम कहती हैं कि पिछले तीन सालों से वह काफ़ी तनाव में जी रही हैं क्योंकि उन्हें अकेले ही अपने तीन बच्चों की परवरिश करनी पड़ रही है.
उनका सबसे छोटा बच्चा एक साल का है, बेटी दो साल की है और सबसे बड़ा बेटा 12 साल का है. कुलसुम कहती हैं कि बच्चों की परवरिश के बीच उनकी अपनी इच्छाएं कहीं गुम-सी हो गईं.
अभी तक कोई टिप्पणी नहीं है
इस खबर पर सबसे पहले अपनी राय साझा करें और चर्चा शुरू करें!