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शेयर मार्केट में उतार-चढ़ाव के बीच Gen Z को SIP में निवेश जारी रखना चाहिए या रोक देना चाहिए?

शेयर मार्केट में उतार-चढ़ाव के बीच Gen Z को SIP में निवेश जारी रखना चाहिए या रोक देना चाहिए?

गाँव शहर की नई बातें — विशेष रिपोर्ट: नोएडा में रहने वाली विशाखा पिछले दो साल से सिस्टमैटिक इन्वेस्टमेंट प्लान (एसआईपी) में निवेश कर रही हैं. शुरुआत में उन्हें सब ठीक लगा, लेकिन अब शेयर बाजार के उतार-चढ़ाव और सोशल मीडिया पर एक्सपर्ट्स की अलग-अलग राय ने उन्हें उलझन में डाल दिया है.

हाल ही में एक एसआईपी में नुकसान होने पर उन्होंने बीच में ही निवेश बंद कर अपना पैसा निकाल लिया. अब उनके सामने सवाल है कि बाजार में उतार-चढ़ाव के बीच एसआईपी में निवेश जारी रखना चाहिए या नहीं?

मुख्य विवरण एवं घटनाक्रम

कई युवा नौकरी शुरू करने के साथ ही बचत और निवेश के बारे में सोचने लगते हैं. लेकिन कम सैलरी, हर महीने के खर्च और भविष्य की जरूरतों के बीच निवेश की शुरुआत करना आसान नहीं होता. भारत में एसआईपी छोटे निवेश का एक तरीका है. लेकिन क्या एसआईपी में निवेश सुरक्षित है?

ऐसे ही सवालों को लेकर बीबीसी हिन्दी ने ऑप्टिमा मनी मैनेजर्स प्राइवेट लिमिटेड के संस्थापक पंकज माथपाल और सर्टिफाइड फाइनेंशियल प्लानर (सीएफपी) पूनम रुंगटा से बात की.

जमीनी पड़ताल व जनहित पर प्रभाव

एसोसिएशन ऑफ म्यूचुअल फंड्स इन इंडिया (एएमएफआई) के आंकड़ों के मुताबिक, 30 सितंबर 2025 को एसआईपी के जरिए निवेश की कुल वैल्यू यानी एयूएम ₹15.52 लाख करोड़ थी. 30 सितंबर 2026 तक यह बढ़कर ₹17.86 लाख करोड़ हो गई. यानी एक साल में एसआईपी एयूएम में करीब ₹2.34 लाख करोड़ या 15 फीसदी की बढ़ोतरी हुई.

वहीं, एएमएफआई के मुताबिक, सितंबर 2026 में एसआईपी के जरिए निवेश रिकॉर्ड ₹32,490 करोड़ पर पहुंच गया.

हालांकि, एसआईपी में निवेश बढ़ने के बीच कुछ लोग इसे बंद भी कर रहे हैं या उनकी निवेश अवधि पूरी हो रही है. एएमएफआई के मुताबिक, सितंबर 2026 में एसआईपी बंद होने का अनुपात 78.53% रहा.

वित्तीय एक्सपर्ट पंकज माथपाल ने बताया कि एसआईपी का एक फायदा यह है कि आप छोटी रकम से भी निवेश शुरू कर सकते हैं. इसके लिए बड़ी रकम इकट्ठा होने का इंतजार करना जरूरी नहीं है. उन्होंने ये भी कहा कि कुछ म्यूचुअल फंड में आप ₹100 महीने से भी एसआईपी शुरू कर सकते हैं.

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